कान्तारा – शिव का उपवन, दक्षिण भारत की प्राचीन भूत-कोला परंपरा का जीवंत चित्रण है। पंजुरली और गुलिगा जैसे देवता केवल मिथक नहीं, बल्कि ग्राम्य जीवन के रक्षक और न्याय के प्रतीक हैं। यह परंपरा बताती है कि धर्म केवल मंत्रों में नहीं, बल्कि लोक की धड़कनों में बसता है। कान्तारा फ़िल्म ने इस भूली हुई आध्यात्मिक संस्कृति को फिर से जीवित किया है जहाँ ढोल, आग, और नृत्य के बीच स्वयं देवता अवतरित होते हैं।
Author: Chandradeep Singh
भारत बनाम चीन: इंजीनियरिंग राष्ट्र बनाम वकील प्रधान समाज – तकनीकी विकास की असली लड़ाई
चीन ने इंजीनियरिंग के बल पर अपने राष्ट्र को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया, जबकि भारत मोदी के नेतृत्व में अब एक तकनीकी-प्रधान राष्ट्र बनने की राह पर है। यह लेख बताता है कि कैसे चीन की सोच “making money is our core competence” भारत को एक नई प्रेरणा दे सकती है।
पूरा बॉलर या अधूरा ऑलराउंडर: टीम इंडिया की एक गलती जो सब कुछ बिगाड़ सकती है!
भारतीय टीम के सिलेक्शन में “ऑलराउंडर बनाम बॉलर” की बहस फिर तेज़ हो गई है। क्या टीम इंडिया का “अधूरा ऑलराउंडर” ट्रेंड हमें बड़े मैचों में बर्बाद कर देगा?
उदित राज सरकारी आवास विवाद: राहुल गांधी का समर्थन और असली सच्चाई
जब सरकारी नियम बताते हैं कि रिटायर सरकारी अधिकारी को आवास खाली करना होगा, तो क्या ऐसा-वैसा होता है? उदित राज के मामले में सामने आई स्थिति, राहुल गांधी का समर्थन और इसके राजनीतिक-सामाजिक अंतःप्रभाव पर एक विस्तृत लेख।
रवीना टंडन की कहानी: अजय देवगन विवाद से सुपरस्टार बनने तक
रवीना टंडन का जीवन जितना ग्लैमरस रहा, उतना ही विवादों से भरा भी। अजय देवगन संग झगड़े से लेकर अक्षय कुमार संग सगाई तक… यह कहानी है बॉलीवुड की “मस्त-मस्त गर्ल” की।
चीन में ओबामा से मोदी-पुतिन तक: वैश्विक नेताओं की सुरक्षा और जासूसी की सच्चाई
ओबामा की चीन यात्रा के दौरान हुई जासूसी से लेकर पुतिन और मोदी की कार में हुई बातचीत तक — यह लेख बताता है कि आज के दौर में विश्व नेताओं की सुरक्षा और गोपनीयता किस हद तक चुनौतीपूर्ण हो गई है।