भारत की ड्रोन टेक्नोलॉजी: सैन्य शक्ति का नया आयाम

हवाई पट्टी पर खड़ा एक आधुनिक सैन्य ड्रोन, जिसके कैमरा सिस्टम और लंबे पंख स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं।

भारत ड्रोन टेक्नोलॉजी में तेजी से आगे बढ़ रहा है। BSF और सेना के ड्रोन ऑपरेशन, स्वदेशी उत्पादन और AI क्षमताएं भारत को विश्व में अग्रणी बना रही हैं।

प्रस्तावना

काफी समय से यह धारणा बनी हुई है कि भारत तकनीक में पिछड़ा हुआ है। लोग कहते हैं कि चीन, अमेरिका और यूरोप ड्रोन टेक्नोलॉजी में हमसे दशकों आगे हैं। लेकिन सच्चाई कुछ और है। भारत ने ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में जिस गति से प्रगति की है, वह पूरी दुनिया को चौंका रही है।

आज BSF से लेकर भारतीय सेना तक, हर स्तर पर ड्रोन का इस्तेमाल हो रहा है। स्वदेशी कंपनियां बड़े स्तर पर AI आधारित सैन्य ड्रोन बना रही हैं और भारत दुनिया के चुनिंदा देशों में शामिल हो चुका है जो अत्याधुनिक तकनीक वाले मिलिट्री ड्रोन विकसित कर सकते हैं।

BSF और ड्रोन टेक्नोलॉजी

टेकनपुर का ड्रोन ट्रेनिंग स्कूल

BSF (Border Security Force) ने मध्यप्रदेश के टेकनपुर में एक अत्याधुनिक Drone Training School स्थापित किया है। यहां जवानों को सिर्फ ड्रोन उड़ाना ही नहीं, बल्कि उन्हें Drone Commando बनाया जाता है।

• यहाँ सिम्यूलेटर्स और फ्लाइंग जोन मौजूद हैं।

• सैनिकों को UAV (Unmanned Aerial Vehicle) और Night Operations की ट्रेनिंग दी जाती है।

• रेडियो फ्रीक्वेंसी जैमर्स और एंटी-ड्रोन तकनीक पर भी हाथों-हाथ अभ्यास कराया जाता है।

ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान में ड्रोन वार

BSF के जवानों ने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के ड्रोन सिस्टम को नष्ट कर दिया था। इस ऑपरेशन ने साबित कर दिया कि भारत अब सिर्फ डिफेंसिव ही नहीं, बल्कि ऑफेंसिव ड्रोन स्ट्राइक करने में भी सक्षम है।

भारतीय सेना और ड्रोन शक्ति

दुनिया में चौथे नंबर पर भारतीय सेना

ड्रोन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने में भारतीय सेना दुनिया में चौथे स्थान पर है। इससे भी बड़ी बात यह है कि अगर स्वदेशी ड्रोन के उपयोग की बात की जाए तो भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर है।

ड्रोन का स्वदेशी उत्पादन

नोएडा, पुणे, बैंगलोर और चेन्नई जैसे बड़े टेक हब अब सिर्फ IT के लिए नहीं, बल्कि ड्रोन निर्माण के लिए भी मशहूर हो रहे हैं।

भारतीय कंपनियों की ताकत

Idea Forge – भारत का गौरव

• Idea Forge एक भारतीय स्टार्टअप है जिसने कम समय में दुनिया में अपनी पहचान बनाई।

• यह कंपनी Dual Usage Drone (सैन्य और नागरिक दोनों उपयोग) बनाने में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी है।

• भारत की यही कंपनियां आज सेना के लिए AI Enabled Military Drone बना रही हैं।

AI क्षमताओं वाले ड्रोन

भारत अब उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जो Artificial Intelligence आधारित ड्रोन बना सकते हैं। ये ड्रोन न केवल निगरानी करते हैं, बल्कि खुद से टारगेट पहचान कर कार्रवाई करने की क्षमता रखते हैं।

भारत बनाम विश्व

लोग अक्सर कहते हैं कि चीन, अमेरिका और यूरोप ड्रोन टेक्नोलॉजी में बहुत आगे हैं। यह सच है कि वहां रिसर्च और प्रोडक्शन काफी पुराना है, लेकिन भारत ने बीते एक दशक में जिस तेजी से छलांग लगाई है, वह आश्चर्यजनक है।

• अमेरिका और चीन के पास वर्ल्ड-क्लास प्रोडक्शन है।

• लेकिन भारत की Cost Effective और Swadeshi Technology उसे वैश्विक स्तर पर मजबूत बना रही है।

• भारत सिर्फ ड्रोन इंपोर्ट नहीं करता, बल्कि बड़े पैमाने पर एक्सपोर्ट की दिशा में भी बढ़ रहा है।

भारत की क्षमताओं को जानें

ड्रोन तकनीक पर काम करने वाली भारतीय कंपनियां, रक्षा अनुसंधान संगठन (DRDO), और सेना के टेक्निकल यूनिट्स मिलकर भारत को ड्रोन सुपरपावर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

आज ज़रूरत है कि आम लोग भी इन उपलब्धियों के बारे में जानें, लिखें और गर्व करें। हमें Inferiority Complex में नहीं रहना चाहिए।

भारत अब सिर्फ टेक्नोलॉजी का उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता और नवप्रवर्तक (Innovator) भी बन चुका है।

निष्कर्ष

भारत की ड्रोन टेक्नोलॉजी अब किसी से कम नहीं है। BSF का ड्रोन स्कूल, भारतीय सेना की चौथी रैंकिंग, स्वदेशी ड्रोन निर्माण और AI आधारित क्षमताएं इस बात का प्रमाण हैं कि भारत तेज़ी से वैश्विक शक्ति बन रहा है।

हमें गर्व होना चाहिए कि भारत न सिर्फ अपने सीमाओं की रक्षा कर रहा है, बल्कि भविष्य की लड़ाइयों के लिए भी पूरी तरह तैयार है।

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