विश्व

चीन में ओबामा से मोदी-पुतिन तक: वैश्विक नेताओं की सुरक्षा और जासूसी की सच्चाई

ओबामा की चीन यात्रा के दौरान हुई जासूसी से लेकर पुतिन और मोदी की कार में हुई बातचीत तक — यह लेख बताता है कि आज के दौर में विश्व नेताओं की सुरक्षा और गोपनीयता किस हद तक चुनौतीपूर्ण हो गई है।

विश्व

अमेरिका–इज़राइल रिश्तों का रहस्य: इवांका ट्रंप से अब्राहम अकॉर्ड तक

इवांका ट्रंप और जेरेड कुशनर से लेकर अब्राहम अकॉर्ड तक — यह लेख बताता है कि कैसे अमेरिका–इज़राइल संबंध सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि एक वैश्विक यहूदी एकजुटता की कहानी हैं। भारत के लिए इसमें गहरा सबक छिपा है।

विश्व

इज़राइल-तुर्की टकराव की आशंका: क्या अंकारा बनेगा अगला निशाना?

इज़राइल और तुर्की के बीच तनाव खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। क़तर पर हमले के बाद अब आशंका है कि इज़राइल तुर्की पर भी एयर स्ट्राइक कर सकता है। नेतन्याहू ने साफ कहा है कि आतंकवादी जहां भी होंगे, उन्हें खत्म किया जाएगा। तुर्की की सैन्य स्थिति कमजोर है और NATO भी शायद सीधे इज़राइल के खिलाफ न खड़ा हो। ऐसे में अंकारा में डर और अनिश्चितता का माहौल है। क्या तुर्की इज़राइल का अगला निशाना बनेगा?

चार्ली किर्क मंच पर बैठे हुए हाथ में माइक्रोफोन पकड़े दर्शकों को संबोधित कर रहे हैं। सामने मेज़ पर “47” लिखी टोपी और पानी की बोतलें रखी हैं, जबकि पीछे बड़ी भीड़ उत्सुकता से सुन रही है।
विश्व

चार्ली किर्क की हत्या: अमेरिका की राजनीति में हिलाकर रख देने वाली घटना

अमेरिकी कंज़र्वेटिव कार्यकर्ता और ट्रंप के करीबी सहयोगी चार्ली किर्क की यूटा वैली यूनिवर्सिटी में गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना अमेरिकी राजनीति में गहरा सदमा लेकर आई है और राजनीतिक हिंसा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आपसी मुलाकात में हाथ मिलाते हुए, पृष्ठभूमि में भारत और अमेरिका के झंडे।
विश्व

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: ट्रंप-मोदी की नई रणनीति

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री मोदी जल्द ही द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत करेंगे। यह कदम दोनों देशों के रिश्तों में नया अध्याय जोड़ सकता है और वैश्विक राजनीति पर बड़ा असर डाल सकता है।

विश्व

नेपाल में सोशल मीडिया बैन: के पी ओली की जिद और बढ़ता जनविरोध

नेपाल में सोशल मीडिया बैन ने युवाओं में आक्रोश भड़का दिया है। संसद हमला, गोलीकांड और राजशाही समर्थकों का उभार ओली सरकार के लिए संकट का संकेत है।