अमेरिका ने पहली बार किसी ‘थर्ड पार्टी मीटिंग’ को भारत के भविष्य से जोड़ा है। ट्रंप-पुतिन डील फेल हुई तो भारत पर भारी टैरिफ लगेंगे। क्या यह कूटनीति है या दबाव की राजनीति?
अमेरिका ने पहली बार किसी ‘थर्ड पार्टी मीटिंग’ को भारत के भविष्य से जोड़ा है। ट्रंप-पुतिन डील फेल हुई तो भारत पर भारी टैरिफ लगेंगे। क्या यह कूटनीति है या दबाव की राजनीति?