भारत की विदेश नीति पर उठते सवालों के बीच सच्चाई यह है कि आज भारत संतुलन, आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जयशंकर की कूटनीति ने भारत को “नीति से नहीं, परिणाम से” परिभाषित किया है।
भारत की विदेश नीति पर उठते सवालों के बीच सच्चाई यह है कि आज भारत संतुलन, आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जयशंकर की कूटनीति ने भारत को “नीति से नहीं, परिणाम से” परिभाषित किया है।