द बंगाल फाइल्स विवेक अग्निहोत्री की विवादित फिल्म है जो 1946 के डायरेक्ट एक्शन डे और नोआखाली नरसंहार की सच्चाई सामने लाती है।
प्रस्तावना: जब इतिहास और सिनेमा टकराते हैं
भारतीय सिनेमा हमेशा से समाज का आईना माना जाता है। यह केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि इतिहास और राजनीति की गहरी परतों को उजागर करने का साधन भी रहा है। निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री की आगामी फिल्म द बंगाल फाइल्स इसका एक बड़ा उदाहरण है। यह फिल्म 1946 के डायरेक्ट एक्शन डे दंगे और नोआखाली नरसंहार जैसे संवेदनशील अध्यायों को उजागर करती है, जिन्हें अक्सर इतिहास की किताबों में जगह नहीं मिलती।
लेकिन फिल्म का ट्रेलर लॉन्च, जो 15 अगस्त 2025 को कोलकाता में होना था, अंतिम क्षणों में रद्द कर दिया गया। इसके पीछे का कारण सिर्फ प्रशासनिक निर्णय नहीं बल्कि कथित राजनीतिक दबाव बताया जा रहा है। यह घटना न केवल फिल्म बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र की स्थिति पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
द बंगाल फाइल्स: फाइल्स ट्रिलॉजी की तीसरी कड़ी
• पहली फिल्म: द ताशकेंट फाइल्स (2019) – लाल बहादुर शास्त्री की रहस्यमयी मौत पर आधारित।
• दूसरी फिल्म: द कश्मीर फाइल्स (2022) – कश्मीरी पंडितों के पलायन और नरसंहार को उजागर करने वाली।
• तीसरी फिल्म: द बंगाल फाइल्स (2025) – डायरेक्ट एक्शन डे और नोआखाली नरसंहार का चित्रण।
इस तरह यह ट्रिलॉजी भारत के उन दर्दनाक पन्नों को सामने लाने का प्रयास है, जिन्हें अक्सर दबा दिया गया।
ट्रेलर लॉन्च रद्द: विवाद की शुरुआत
फिल्म का ट्रेलर लॉन्च कोलकाता के एक प्रमुख मल्टीप्लेक्स में होना था। सभी जरूरी अनुमति और लिखित पुष्टि मिलने के बावजूद, कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले ही रद्द कर दिया गया।
कथित कारण
• सत्ताधारी पार्टी टीएमसी के दबाव का आरोप।
• फिल्म के खिलाफ पहले ही कई FIR दर्ज की जा चुकी थीं।
• राजनीतिक वर्ग को डर था कि यह फिल्म बंगाल के इतिहास को विवादास्पद तरीके से दिखाएगी।
विवेक अग्निहोत्री की प्रतिक्रिया
फिल्म निर्माता विवेक अग्निहोत्री ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी किया।
उनके प्रमुख बयान:
• “सच को चुप नहीं कराया जा सकता।”
• “क्या भारत के लिए एक संविधान है और बंगाल के लिए दूसरा?”
• “फिल्म को सेंसर बोर्ड से प्रमाणित मिल चुका है, फिर भी जनता तक क्यों नहीं पहुंचने दिया जा रहा?”
उन्होंने ऐलान किया कि चाहे कितनी भी रुकावटें आएं, ट्रेलर 16 अगस्त को कोलकाता में ही रिलीज़ किया जाएगा।
द बंगाल फाइल्स: कलाकार और निर्माण टीम
• मुख्य कलाकार: मिथुन चक्रवर्ती, अनुपम खेर, पल्लवी जोशी, दर्शान कुमार
• निर्माता: अभिषेक अग्रवाल, पल्लवी जोशी, विवेक अग्निहोत्री
• प्रस्तुति: I Am Buddha Productions और तेज नारायण अग्रवाल
• रिलीज़ डेट: 5 सितंबर 2025
अभिव्यक्ति की आज़ादी बनाम राजनीतिक दबाव
फिल्म का ट्रेलर रद्द होना केवल एक सांस्कृतिक घटना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की परीक्षा भी है।
मुख्य सवाल
1. क्या कला और सिनेमा को राजनीतिक दबाव के आगे झुकना चाहिए?
2. क्या सेंसर बोर्ड की स्वीकृति के बाद भी राज्यों को फिल्म रोकने का अधिकार होना चाहिए?
3. क्या यह लोकतांत्रिक भारत में असहिष्णुता का उदाहरण नहीं है?
जनता और युवाओं से अपील
अग्निहोत्री ने खासकर युवाओं से अपील की:
• सच को जानने की जिम्मेदारी उठाइए।
• दबे हुए इतिहास को सामने लाने में योगदान दीजिए।
• राजनीतिक और वैचारिक मतभेदों से ऊपर उठकर सिनेमा को देखने का नजरिया विकसित कीजिए।
निष्कर्ष: द बंगाल फाइल्स एक फिल्म नहीं, आंदोलन है
द बंगाल फाइल्स केवल एक सिनेमाई प्रस्तुति नहीं बल्कि भारत के छुपे हुए इतिहास को सामने लाने की लड़ाई है। ट्रेलर लॉन्च विवाद ने इस फिल्म को और भी प्रासंगिक बना दिया है। अब यह फिल्म सिर्फ ऐतिहासिक घटनाओं का पुनर्निर्माण नहीं बल्कि स्वतंत्र अभिव्यक्ति और लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक बन चुकी है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. द बंगाल फाइल्स किस विषय पर आधारित है?
यह फिल्म 1946 के डायरेक्ट एक्शन डे दंगों और नोआखाली नरसंहार की ऐतिहासिक घटनाओं को प्रस्तुत करती है।
Q2. फिल्म का ट्रेलर क्यों रद्द किया गया?
कोलकाता में निर्धारित स्थल ने आखिरी क्षण में कार्यक्रम रद्द कर दिया। आरोप है कि यह कदम राजनीतिक दबाव के कारण उठाया गया।
Q3. फिल्म की रिलीज़ डेट कब है?
फिल्म 5 सितंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली है।
Q4. क्या सेंसर बोर्ड ने फिल्म को मंजूरी दी है?
हाँ, फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से प्रमाणित मिल चुका है।
Q5. फिल्म के मुख्य कलाकार कौन हैं?
फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती, अनुपम खेर, पल्लवी जोशी और दर्शन कुमार प्रमुख भूमिकाओं में हैं।
