ट्रम्प की नॉन-इंटरवेंशनिस्ट विदेश नीति भारत, चीन और एशिया के लिए नए अवसर पैदा कर रही है। जानिए कैसे ट्रम्प बदलाव का वाहक बन रहे हैं।
प्रस्तावना: ट्रम्प की राजनीति और नई विश्व व्यवस्था
डोनाल्ड ट्रम्प का सत्ता में आना केवल अमेरिका की आंतरिक राजनीति को प्रभावित नहीं करता, बल्कि पूरे विश्व के शक्ति समीकरण को बदल देता है। उनकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे सीधी और खुल्लम-खुल्ला राजनीति करते हैं। न वे गुप्त साज़िशें रचते हैं, न किसी देश के भीतर छुपकर हस्तक्षेप करते हैं। यही कारण है कि ट्रम्प का प्रभाव भारत समेत पूरी दुनिया में गहराई से महसूस किया जा रहा है।
ट्रम्प की नॉन-इंटरवेंशनिस्ट विदेश नीति
ट्रम्प और जो बाइडेन की विदेश नीतियों में सबसे बड़ा अंतर यही है कि बाइडेन ने भारत में किसान आंदोलन, खालिस्तान, मणिपुर या पड़ोसी देशों में सत्ता परिवर्तन जैसे मुद्दों में अप्रत्यक्ष रूप से हस्तक्षेप किया। वहीं, ट्रम्प का तरीका बिल्कुल अलग है।
• अगर उन्हें किसी सैन्य प्रमुख को बुलाना है तो वे खुलेआम बुलाते हैं।
• अगर भारत पर दबाव बनाना है तो सीधे-सीधे बात करते हैं।
• नाराज़गी जतानी है तो सामने से व्यक्त करते हैं।
यही स्पष्टवादिता उन्हें एक अलग दर्जा देती है।
भारत के लिए ट्रम्प का प्रभाव: अवसर और चुनौतियाँ
भारत के भीतर हस्तक्षेप की संभावना कम
ट्रम्प का स्वभाव नॉन-इंटरवेंशनिस्ट है। इसलिए यह मानना गलत होगा कि वे भारत को अस्थिर करने के लिए भीतरू साज़िश करेंगे। हाँ, बाहरी दबाव – जैसे सीमा विवाद या व्यापारिक दबाव – बढ़ सकते हैं। लेकिन भारत अपनी कूटनीति और आर्थिक ताकत से इन चुनौतियों को संभालने में सक्षम है।
आपदा में अवसर की स्थिति
ट्रम्प की नीतियों के कारण भारत को दुनिया में नए अवसर मिले हैं।
• चीन और भारत को करीब लाने में ट्रम्प ने परोक्ष भूमिका निभाई है।
• वैश्विक मीडिया और थिंक टैंक्स आज भारत की संप्रभुता और शक्ति की प्रशंसा कर रहे हैं।
• भारत की छवि एक ऐसे देश के रूप में बनी है जो आदेश नहीं मानता, लेकिन सहयोग के लिए हमेशा तैयार रहता है।
वैश्विक राजनीति में ट्रम्प का सकारात्मक प्रभाव
साम्राज्यवाद से मुक्ति की दिशा
पिछले पाँच सौ वर्षों से पश्चिमी साम्राज्यवाद ने दुनिया को अपनी गिरफ्त में रखा हुआ था। ट्रम्प उस व्यवस्था को चुनौती देते हैं और देशों को अपनी सुरक्षा और विकास की ज़िम्मेदारी खुद उठाने के लिए मजबूर करते हैं।
एशिया के लिए संकेत
एशियाई देशों के लिए ट्रम्प की नीतियाँ एक अवसर लेकर आई हैं। चीन और भारत को अपने मतभेद भुलाकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
• सीमा विवाद सुलझाना
• आर्थिक साझेदारी को मज़बूत करना
• साझा चुनौतियों के लिए सहमति बनाना
यह सोच ट्रम्प की वैश्विक नीति से ही उत्पन्न हुई है।
सामाजिक और सांस्कृतिक बदलाव
ट्रम्प के कार्यकाल में एक और बड़ा प्रभाव दिखा है – LGBTQ एजेंडे पर रोक। बाइडेन कार्यकाल में यह एजेंडा महामारी की तरह फैला था, लेकिन ट्रम्प के कारण दुनिया इसमें संतुलन की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। यह कई देशों के सांस्कृतिक ताने-बाने को बचाने में सहायक हुआ है।
भारत की आर्थिक नीतियों पर ट्रम्प का प्रभाव
जीएसटी सुधार और सेमीकंडक्टर निवेश
भारत ने हाल ही में जीएसटी में तेजी से बदलाव और सेमीकंडक्टर प्लांट के लिए निवेश बढ़ाने का निर्णय लिया। इन नीतिगत बदलावों के पीछे ट्रम्प की अप्रत्यक्ष भूमिका रही है, क्योंकि उनकी वैश्विक नीतियों ने भारत को आत्मनिर्भर बनने के लिए मजबूर किया।
नए व्यापारिक समझौते
• जर्मनी के विदेश मंत्री ने भारत का दौरा किया और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का समर्थन किया।
• ब्रिटेन और भारत के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट तेजी से संपन्न हुआ।
• सिंगापुर समेत कई एशियाई देशों ने भारत के साथ नए समझौते किए।
इन सभी कूटनीतिक सफलताओं के पीछे ट्रम्प का दबाव और नीतिगत बदलाव एक बड़ा कारण रहे हैं।
नैरेटिव बिल्डिंग का महत्व
ट्रम्प युग में यह साफ हुआ कि वैश्विक नैरेटिव बिल्डिंग कितनी महत्वपूर्ण है।
• चीन ने वर्षों से पत्रकारों और विद्वानों पर निवेश किया है।
• आज भारत भी इस शक्ति को समझ रहा है कि दुनिया में अपनी छवि और संदेश को मज़बूती से प्रस्तुत करना कितना जरूरी है।
• ट्रम्प के कारण भारत का वैश्विक नैरेटिव मजबूत हुआ है और अंतरराष्ट्रीय मीडिया भारत की प्रशंसा कर रहा है।
निष्कर्ष: ट्रम्प बदलाव का वाहक
भले ही ट्रम्प की नीतियाँ तात्कालिक रूप से विवादास्पद दिखें, लेकिन दीर्घकालिक दृष्टि से वे सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
• वे देशों को आत्मनिर्भर बनने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
• भारत की संप्रभुता और ताकत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिल रही है।
• एशिया के लिए सहयोग और विकास का नया मार्ग खुल रहा है।
आख़िरकार, ट्रम्प की राजनीति भारत और दुनिया के लिए आपदा में अवसर का सूत्र लेकर आई है।
