भारतीय एयर चीफ़ मार्शल ए. पी. सिंह ने S-400 सिस्टम से पाकिस्तान के 6 विमानों को मार गिराने की पुष्टि की, जानें इस ऐतिहासिक जीत की पूरी कहानी।
भारत की वायुशक्ति का नया अध्याय
जब किसी देश का सर्वोच्च वायुसेना अधिकारी खुलकर अपनी जीत की पुष्टि करे, तो यह सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि इतिहास का वह पन्ना होता है जिस पर आने वाली पीढ़ियाँ गर्व से नजर डालेंगी।
भारतीय एयर चीफ़ मार्शल ए. पी. सिंह का ताज़ा बयान इसी तरह का एक क्षण है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा – S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तान की वायुसेना को गहरी चोट दी, और यह चोट सिर्फ मैदान-ए-जंग में नहीं, बल्कि उनके मनोबल में भी लगी।
S-400 की मारक क्षमता का प्रदर्शन
इस मिशन में S-400 ने पाकिस्तान की सीमा के भीतर लगभग 300 किलोमीटर अंदर तक जाकर अपने निशाने साधे।
• पाँच पाकिस्तानी फाइटर जेट्स आसमान से गिराए गए।
• एक रणनीतिक AEW&C/ELINT विमान नष्ट किया गया जो किसी भी देश के लिए “आसमान में तैनात रडार” के बराबर होता है।
यह पहली बार था जब किसी वरिष्ठ भारतीय सैन्य अधिकारी ने “Confirmed Kills” शब्द का प्रयोग किया। भारतीय सेना आमतौर पर अपने ऑपरेशनों में चुप्पी साधे रखती है, लेकिन इस बार गूँज पूरी दुनिया ने सुनी।
इतिहास का सबसे बड़ा सतह-से-आसमान हमला?
AEW&C जैसे विमान पर हमला करना बेहद दुर्लभ है, क्योंकि यह न केवल महंगे होते हैं, बल्कि पूरे वायु अभियानों की रीढ़ होते हैं। रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि यह शायद अब तक का सबसे बड़ा Surface-to-Air Kill है।
ऑपरेशन सिंदूर और बयान का समय
सवाल यह उठता है कि ऑपरेशन सिंदूर के दो महीने बाद यह बयान क्यों आया?
• हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार “पाँच एयरक्राफ्ट शूट डाउन” का जिक्र किया।
• भारतीय वायुसेना ने स्पष्ट किया कि ये सभी पाकिस्तानी विमान थे और S-400 से गिराए गए थे।
इससे यह साफ हो गया कि भारत न सिर्फ युद्ध के मैदान में, बल्कि इंफॉर्मेशन वॉरफेयर में भी अपना पक्ष मजबूत करना चाहता है।
F-16 पर सीधा वार
एयर चीफ़ मार्शल ने यह भी बताया कि एक F-16 फाइटर जेट हैंगर में खड़ा होने के बावजूद नष्ट किया गया।
यह घटना पाकिस्तान के बुलारी एयरबेस और शाहबाज एयरफील्ड पर हमलों के दौरान हुई, जहाँ कई F-16 विमान मेंटेनेंस के लिए रखे गए थे।
अमेरिका के लिए यह एक झटका है, क्योंकि वही पाकिस्तान को F-16 सप्लाई करता है।
अधूरी तैनाती में भी कमाल
भारत को अभी S-400 के पाँच में से केवल तीन स्क्वाड्रन मिले हैं, बाकी 2026 और 2027 में आने हैं।
2018 में 5.43 बिलियन डॉलर की लागत से खरीदा गया यह सिस्टम अधूरी तैनाती में भी अद्भुत प्रदर्शन कर रहा है।
संभावना है कि भारत भविष्य में और यूनिट्स मंगाने या इसका निर्माण देश में शुरू करने पर विचार करे, ठीक ब्रह्मोस मिसाइल की तरह।
सूचना युद्ध का नया मोर्चा
बालाकोट हमले के बाद भारत को अपने ही नागरिकों को विश्वास दिलाने में कठिनाई हुई थी। लेकिन इस बार ऑपरेशन सिंदूर में वीडियो और सैटेलाइट इमेजरी मौजूद है, जो पाकिस्तानी एयरबेस पर हुए नुकसान के पुख्ता सबूत देती है।
अब भारतीय सेना मानती है कि अगली बार हम न केवल युद्ध के मैदान में, बल्कि सूचना युद्ध (Information Warfare) में भी पाकिस्तान को मात देंगे।
निष्कर्ष: यह सिर्फ जीत नहीं, संदेश है
एयर चीफ़ मार्शल ए. पी. सिंह का बयान सिर्फ एक सैन्य उपलब्धि का ऐलान नहीं, बल्कि एक संदेश है कि भारत की वायुसीमा अब अटूट है और उसका आकाश किसी भी खतरे के सामने अडिग खड़ा रहेगा।
S-400 ने न केवल पाकिस्तान के विमानों को गिराया, बल्कि यह साबित कर दिया कि भारत के पास तकनीक, इच्छाशक्ति और रणनीति इन तीनों का अद्वितीय संगम है।
