भारतीय टीम के सिलेक्शन में “ऑलराउंडर बनाम बॉलर” की बहस फिर तेज़ हो गई है। क्या टीम इंडिया का “अधूरा ऑलराउंडर” ट्रेंड हमें बड़े मैचों में बर्बाद कर देगा?
खेल
रोहित शर्मा से कप्तानी छिनना: भारतीय क्रिकेट का सबसे बड़ा झटका या नई शुरुआत?
25 में से 24 मैच जीतने वाले कप्तान रोहित शर्मा से वनडे कप्तानी छीनना भारतीय क्रिकेट के इतिहास का सबसे बड़ा झटका है।
BCCI ने यह कदम 2027 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखकर उठाया, और युवा बल्लेबाज शुभमन गिल को नया कप्तान बनाया।
लेकिन सवाल अब भी कायम है — क्या यह सही रणनीतिक फैसला है या एक भावनात्मक गलती?
इस लेख में पढ़िए रोहित के शानदार रिकॉर्ड, चयन समिति के तर्क, टीम इंडिया के नए बदलाव और भविष्य की दिशा का पूरा विश्लेषण।
एशियाकप 2025 फाइनल: तिलक वर्मा और शिवम दुबे बने पाकिस्तान के दुश्मन
एशियाकप 2025 फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया ने पाकिस्तान को हराकर एक ऐतिहासिक जीत दर्ज की। मुश्किल परिस्थितियों में तिलक वर्मा और शिवम दुबे ने मैच विनिंग पारी खेलकर करोड़ों भारतीयों का दिल जीत लिया। यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि गर्व और आत्मविश्वास की नई कहानी है।
सचिन तेंदुलकर का 175 रन: क्या सचिन का शतक बेकार था?
सचिन तेंदुलकर का हैदराबाद वनडे शतक (175 रन) भारतीय क्रिकेट इतिहास की यादगार पारी है, जानिए क्यों ये शतक कभी बेकार नहीं था।
स्मृति मंधाना बनाम विराट कोहली: क्रिकेट में रिकॉर्ड, माइंडसेट और रेज़िलिएंस की असली कहानी
विराट कोहली का नाम सिर्फ रिकॉर्ड्स के लिए नहीं बल्कि उनके माइंडसेट और रेज़िलिएंस के लिए लिया जाता है। कल रात स्मृति मंधाना की ऐतिहासिक पारी ने पहली बार उन्हें सचमुच कोहली जैसी तुलना के योग्य बना दिया।
सचिन तेंदुलकर: क्रिकेट का भगवान और भारतीय क्रिकेट का स्वर्णिम युग
सचिन तेंदुलकर, जिन्हें पूरी दुनिया “क्रिकेट का भगवान” कहती है, भारतीय क्रिकेट का सबसे चमकता सितारा रहे। 16 साल की उम्र में डेब्यू करने वाले सचिन ने 24 वर्षों तक क्रिकेट पर राज किया और टेस्ट व वनडे में सबसे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड कायम किया। उनके 100 अंतरराष्ट्रीय शतक, पहला वनडे दोहरा शतक, 2011 वर्ल्ड कप जीत और अनगिनत यादगार पारियां आज भी हर क्रिकेट प्रेमी की धड़कनें तेज कर देती हैं। शारजाह की डेज़र्ट स्टॉर्म पारी से लेकर पाकिस्तान के खिलाफ़ 98 रनों तक, सचिन ने बार-बार साबित किया कि वह सिर्फ़ बल्लेबाज़ नहीं बल्कि एक भावना हैं। भारत रत्न से सम्मानित सचिन ने न सिर्फ़ खेल में बल्कि समाजसेवा और राजनीति में भी अपनी छाप छोड़ी। उनका करियर जुनून, संघर्ष और महानता की दास्तान है। यही वजह है कि सचिन तेंदुलकर हमेशा भारतीय क्रिकेट की आत्मा और दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों के दिलों की धड़कन बने रहेंगे।
