भारत में विपक्ष और अभिजात वर्ग मोदी सरकार को चुनौती देने में नाकाम रहे हैं। झूठे नैरेटिव, हिंसक आंदोलन और जातिगत राजनीति के बावजूद जनता ने नरेंद्र मोदी पर भरोसा जताया। विपक्ष के पास ठोस विकास एजेंडा नहीं होने से उसकी रणनीति आज भी कमजोर साबित हो रही है।
