मृत्यु से पहले मस्तिष्क पूरी तरह बंद नहीं होता। डॉल्फिन जैसे जीवों की नींद की शैली से लेकर मनुष्य के अंतिम क्षणों तक, यह लेख बताता है कि कैसे मृत्यु से पहले हम एक अंतिम स्वप्न देखते हैं, जो यादों, भावनाओं और अंधकार की सीमा पर खड़ा होता है।

मृत्यु से पहले मस्तिष्क पूरी तरह बंद नहीं होता। डॉल्फिन जैसे जीवों की नींद की शैली से लेकर मनुष्य के अंतिम क्षणों तक, यह लेख बताता है कि कैसे मृत्यु से पहले हम एक अंतिम स्वप्न देखते हैं, जो यादों, भावनाओं और अंधकार की सीमा पर खड़ा होता है।