राखी और गुलज़ार की अधूरी मोहब्बत: एक अनकही सच्चाई

गुलज़ार और राखी की एक दुर्लभ पुरानी तस्वीर, जिसमें गुलज़ार सफेद कुर्ते और चश्मे में हैं और राखी नीली साड़ी में पारंपरिक अंदाज़ में दिखाई दे रही हैं।

राखी और गुलज़ार की प्रेमकहानी, शादी, दूरियां और अधूरा रिश्ता। जानिए बॉलीवुड के इस अनकहे अध्याय की सच्चाई और भावनात्मक सफर।

प्रस्तावना: मोहब्बत, उम्मीदें और अधूरा रिश्ता

बॉलीवुड की दुनिया सिर्फ चमक-धमक और शोहरत से भरी नहीं होती। इसके पीछे कई ऐसी कहानियां भी छिपी होती हैं जो दिल को गहराई से छू जाती हैं। ऐसी ही एक कहानी है मशहूर अभिनेत्री राखी और कवि, गीतकार व फिल्मकार गुलज़ार की। यह कहानी मोहब्बत से शुरू होती है, लेकिन उसमें अहंकार, गलतफहमियां और दर्द की परतें भी हैं।

राखी और गुलज़ार का रिश्ता कभी पूरी तरह टूटा नहीं, मगर पूरा भी न हो सका। यही वजह है कि उनकी प्रेमकहानी को बॉलीवुड की सबसे रहस्यमयी और भावनात्मक कहानियों में गिना जाता है।

राखी की पहली शादी और टूटन

गुलज़ार से शादी करने से पहले राखी की जिंदगी में एक और अध्याय था। उन्होंने बांग्ला फिल्म डायरेक्टर अजय बिस्वास से शादी की थी। लेकिन यह रिश्ता महज दो साल चला और फिर टूट गया। इस टूटन के बाद राखी के जीवन में खालीपन था, जिसे गुलज़ार की मौजूदगी ने भर दिया।

मोहब्बत की शुरुआत और शादी

राखी को गुलज़ार की मल्टी-टैलेंटेड शख्सियत ने मोहित कर लिया था, जबकि गुलज़ार उनकी खूबसूरती और सादगी पर फिदा हो गए। दोनों की नज़दीकियां बढ़ीं और आखिरकार 15 मई 1973 को दोनों ने शादी कर ली।

यह शादी फिल्म इंडस्ट्री के बड़े सितारों की मौजूदगी में हुई थी। दिसंबर 1973 में उनकी बेटी मेघना गुलज़ार का जन्म हुआ। लेकिन खुशियों का यह सफर ज्यादा लंबा नहीं चला। बेटी के जन्म के कुछ ही समय बाद उनके रिश्ते में दरारें पड़ने लगीं।

शादी की शर्त और राखी का संघर्ष

शादी से पहले ही गुलज़ार ने राखी से शर्त रख दी थी – शादी के बाद वे फिल्मों में काम नहीं करेंगी।

गुलज़ार का मानना था कि शादीशुदा औरत का फिल्मों में काम करना उचित नहीं।

राखी ने यह शर्त मान ली, लेकिन उनके मन में उम्मीद थी कि शायद वे कम से कम गुलज़ार की फिल्मों में काम कर सकेंगी। लेकिन गुलज़ार ने उन्हें अपनी किसी भी फिल्म में कास्ट नहीं किया।

राखी के पास फिल्मों के अनगिनत ऑफर्स थे, मगर गुलज़ार की नाराज़गी से बचने के लिए उन्होंने सब ठुकरा दिए। यह त्याग उनके लिए दर्दनाक था, क्योंकि अभिनय उनकी आत्मा का हिस्सा था।

वह रात जिसने सब बदल दिया

गुलज़ार उस समय कश्मीर में अपनी फिल्म आंधी की शूटिंग कर रहे थे। पूरी टीम के साथ राखी भी वहां मौजूद थीं।

एक रात पार्टी में अभिनेता संजीव कुमार ने ज्यादा शराब पी ली और हीरोइन सुचित्रा सेन के साथ अनुचित व्यवहार किया। गुलज़ार ने स्थिति संभाली और सुचित्रा को उनके कमरे तक छोड़ आए।

इसी दौरान राखी ने गुलज़ार को सुचित्रा सेन के कमरे से बाहर निकलते देखा। उन्हें सच्चाई का पता नहीं था, और उन्हें यह दृश्य बहुत बुरा लगा। जब उन्होंने सवाल किया, तो बात बहस में बदल गई और गुस्से में गुलज़ार ने राखी को थप्पड़ मार दिया।

राखी के लिए यह किसी गहरे सदमे से कम नहीं था।

यश चोपड़ा का ऑफर और बड़ा फैसला

अगली सुबह नामी डायरेक्टर यश चोपड़ा कश्मीर पहुंचे। वे राखी को अपनी फिल्म कभी-कभी में लेना चाहते थे।

गुलज़ार से इजाज़त मांगने से पहले ही राखी ने बोल दिया –

“मैं इस फिल्म में काम करना चाहती हूं।”

यह सुनना गुलज़ार के लिए अस्वीकार्य था। उस दिन दोनों ने अलग होने का फैसला कर लिया।

हालांकि, बेटी मेघना के लिए उन्होंने तलाक नहीं लिया। मुंबई लौटने के बाद वे अलग-अलग रहने लगे, मगर रिश्ता टूटकर भी पूरी तरह टूटा नहीं।

अलग रहकर भी जुड़ा रिश्ता

अलगाव के बाद भी राखी और गुलज़ार का रिश्ता एक अजीब-सी डोर से बंधा रहा।

एक इंटरव्यू में राखी ने कहा था:

“गुलज़ार अक्सर फोन करके कहते – मैंने दोस्तों को घर बुलाया है, खाना नहीं है, तुम झींगा करी बना दो। उन्हें मेरे हाथ की खीर बहुत पसंद थी। हम साथ नहीं रहते थे, लेकिन कभी अलग भी नहीं हुए।”

यानी उनका रिश्ता एक अधूरी मोहब्बत की तरह बना रहा – जिसमें न पूरी नजदीकियां थीं और न पूरी दूरी।

राखी और गुलज़ार की कहानी से सीख

यह कहानी हमें यह सिखाती है कि प्यार और शादी सिर्फ भावनाओं से नहीं, बल्कि आपसी समझ और स्वतंत्रता से चलती है।

• रिश्तों में शर्तें और बंदिशें दीवार खड़ी कर देती हैं।

• संवाद की कमी और गलतफहमियां मोहब्बत को तोड़ सकती हैं।

• कभी-कभी रिश्ता पूरी तरह खत्म न होकर भी अधूरा रह जाता है।

निष्कर्ष

राखी और गुलज़ार की प्रेमकहानी अधूरी जरूर रही, लेकिन इसने बॉलीवुड और समाज को एक गहरा संदेश दिया। राखी ने अपने अभिनय से फिल्म इंडस्ट्री में अमिट छाप छोड़ी और गुलज़ार ने अपनी कलम से।

उनका रिश्ता अधूरा होकर भी अमर है, क्योंकि इसमें प्यार, दर्द, त्याग और मोहब्बत की सच्चाई झलकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1. राखी की पहली शादी किससे हुई थी?

Ans. राखी की पहली शादी बांग्ला फिल्म डायरेक्टर अजय बिस्वास से हुई थी, जो सिर्फ दो साल चली।

Q2. राखी और गुलज़ार की शादी कब हुई थी?

Ans. राखी और गुलज़ार ने 15 मई 1973 को शादी की थी।

Q3. राखी और गुलज़ार का अलगाव क्यों हुआ?

Ans. फिल्मों में काम करने को लेकर दोनों के बीच मतभेद और कश्मीर की एक घटना ने उनके रिश्ते में दरार डाल दी।

Q4. क्या राखी और गुलज़ार ने तलाक लिया था?

Ans. नहीं, उन्होंने तलाक नहीं लिया। बेटी मेघना के लिए दोनों ने यह फैसला नहीं किया।

Q5. अलग रहने के बावजूद क्या दोनों का रिश्ता कायम रहा?

Ans. हाँ, दोनों अक्सर एक-दूसरे से संपर्क में रहते थे और एक-दूसरे की ज़रूरतें पूरी करते रहे।

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