ऋषि कपूर की आत्मकथा: राज़, रिश्ते और अनकही सच्चाइयाँ

ऋषि कपूर का एक क्लोज़-अप पोर्ट्रेट जिसमें वे गंभीर और चिंतनशील मुद्रा में दिखाई दे रहे हैं, पीछे गर्म सुनहरे और भूरे रंग का बैकग्राउंड है।

ऋषि कपूर की आत्मकथा खुल्लम खुल्ला में छिपे किस्से: राज कपूर के अफेयर, अमिताभ बच्चन संग Cold War, और निजी जिंदगी के अनसुने राज।

परिचय

फिल्म इंडस्ट्री का नाम आते ही कपूर खानदान का जिक्र सबसे पहले होता है। इस परिवार ने हिंदी सिनेमा को दशकों तक न केवल संभाला बल्कि दर्शकों के दिलों पर भी राज किया। राज कपूर, ऋषि कपूर, रणबीर कपूर इन तीन पीढ़ियों ने बॉलीवुड को नई ऊँचाइयाँ दीं। इनमें से ऋषि कपूर (जन्म: 04 सितंबर 1952) अपनी रोमांटिक हीरो वाली छवि, संजीदा अभिनय और बेबाक स्वभाव के लिए हमेशा याद किए जाते हैं।

साल 2017 में जब ऋषि कपूर की आत्मकथा खुल्लम खुल्ला: ऋषि कपूर अनसेंसर्ड प्रकाशित हुई, तो उसने फिल्मी गलियारों में हलचल मचा दी थी। इस किताब में ऋषि कपूर ने बिना किसी झिझक के अपनी निजी और पेशेवर जिंदगी के किस्से साझा किए। इन किस्सों में जहां सिनेमा की चमक-दमक है, वहीं रिश्तों की कड़वाहट और जीवन की सच्चाई भी है।

इस लेख में हम खुल्लम खुल्ला से चुनी गई उन्हीं कहानियों को याद करेंगे जो ऋषि कपूर की ईमानदारी और निडरता को दर्शाती हैं।

राज कपूर के अफेयर्स पर ऋषि कपूर का खुलासा

ऋषि कपूर ने सबसे चौंकाने वाली बात अपने पिता राज कपूर के निजी जीवन के बारे में लिखी। उन्होंने स्वीकार किया कि बचपन में उन्होंने अपने पिता को नर्गिस और बाद में वैजयंतीमाला के साथ रिश्ते में देखा था।

उन्होंने लिखा कि उस समय उनकी मां कृष्णा राज कपूर अपने बच्चों को लेकर घर छोड़कर नटराज होटल चली गई थीं। बाद में राज कपूर ने परिवार को मनाने के लिए कई प्रयास किए और आखिरकार रिश्ता सामान्य हुआ। यह खुलासा साबित करता है कि कपूर खानदान की परंपरा भी उतनी सहज नहीं थी जितनी बाहर से दिखाई देती थी।

पहली मोहब्बत और टूटा रिश्ता

ऋषि कपूर ने अपनी पहली सीरियस गर्लफ्रेंड यास्मीन का जिक्र भी किताब में किया है। यास्मीन एक पारसी लड़की थीं जिनसे ऋषि बॉबी फिल्म से पहले से ही प्यार करते थे। लेकिन 1973 में स्टार्डस्ट मैगज़ीन में डिंपल कपाड़िया और ऋषि के रोमांस की खबरें छपने लगीं। उस समय डिंपल, राजेश खन्ना से शादी कर चुकी थीं। अफवाहों की वजह से यास्मीन और ऋषि का रिश्ता टूट गया।

यह घटना दर्शाती है कि स्टारडम के साथ आने वाली अफवाहें निजी जीवन पर गहरा असर डाल सकती हैं।

डिंपल कपाड़िया और अंगूठी का किस्सा

यास्मीन से जुड़े एक और किस्से में ऋषि ने बताया कि उनकी गर्लफ्रेंड ने उन्हें एक सिंपल सी अंगूठी दी थी। बॉबी की शूटिंग के दौरान डिंपल अक्सर वही अंगूठी पहन लिया करती थीं। बाद में जब राजेश खन्ना ने डिंपल को प्रपोज किया तो उन्होंने वही अंगूठी देखी और गुस्से में उसे समुद्र में फेंक दिया।

ऋषि कपूर ने साफ लिखा कि उन्होंने कभी डिंपल के प्रति आकर्षण महसूस नहीं किया। इस बयान ने उस समय फैली कई गलतफहमियों को दूर किया।

अमिताभ बच्चन और ‘Cold War’

ऋषि कपूर और अमिताभ बच्चन का रिश्ता कभी बहुत सहज नहीं रहा। किताब में ऋषि ने लिखा कि 70 के दशक में बड़ी फिल्मों की स्क्रिप्ट्स अक्सर अमिताभ को ध्यान में रखकर लिखी जाती थीं। फिल्मों की सफलता का श्रेय भी उन्हें ही दिया जाता था, जबकि अन्य कलाकारों की मेहनत उतनी ही होती थी।

ऋषि का मानना था कि अमिताभ ने कभी अपने साथियों को क्रेडिट नहीं दिया।

यह नाराजगी उस समय और गहरी हो गई जब कभी कभी की शूटिंग के दौरान दोनों के बीच बातचीत लगभग बंद हो गई।

खरीदा हुआ पहला अवॉर्ड

आत्मकथा का सबसे चौंकाने वाला खुलासा वह था जब ऋषि कपूर ने स्वीकार किया कि उन्हें मिला पहला बेस्ट एक्टर अवॉर्ड उन्होंने खरीदा था। बॉबी फिल्म के लिए उन्होंने 30,000 रुपये देकर अवॉर्ड हासिल किया।

उन्होंने लिखा,

“मुझे ये बताते हुए शर्म आती है कि मैंने वो अवॉर्ड खरीदा था। उस समय मैं बहुत समझदार नहीं था और दूसरों की बातों में आ गया।”

यह ईमानदारी ऋषि कपूर के व्यक्तित्व का अहम पहलू दर्शाती है। वह अपनी गलतियों को भी खुलकर स्वीकार करने से पीछे नहीं हटते थे।

करियर की असफलताएँ और निजी जीवन का तनाव

बॉबी की अपार सफलता के बाद ऋषि कपूर को उम्मीद थी कि उनकी हर फिल्म उतनी ही हिट होगी। लेकिन लगातार फ्लॉप फिल्मों ने उन्हें निराश कर दिया। इसी दौरान नीतू सिंह से उनकी शादी हुई।

करियर की असफलताओं का असर उनके वैवाहिक जीवन पर पड़ा और वे अक्सर गुस्से में अपनी निराशा नीतू पर निकालते थे। नीतू उस समय गर्भवती थीं, लेकिन उन्होंने धैर्य और प्यार से ऋषि को संभाला।

दोस्तों और साथी कलाकारों की मदद से ऋषि इस डिप्रेशन से बाहर आए और आगे का जीवन मजबूती से जिया।

शर्मिंदगी का किस्सा: लेडिज़ ट्राउज़र

ऋषि कपूर ने अपने करियर का एक मजेदार लेकिन शर्मनाक किस्सा भी साझा किया। फिल्म ज़हरीला इंसान की शूटिंग के दौरान उन्होंने बेरूत से खरीदी हुई ट्राउज़र पहनी। शूटिंग के समय ड्रैसमैन ने बताया कि वह दरअसल महिलाओं की ट्राउज़र थी। यह सुनकर ऋषि को बेहद शर्मिंदगी हुई।

यह घटना उनके बेबाक और हंसमुख स्वभाव की झलक देती है।

ऋषि कपूर: सच्चाई से सामना करने वाले कलाकार

ऋषि कपूर ने अपनी आत्मकथा में जिस ईमानदारी और निडरता से जीवन के उतार-चढ़ाव को साझा किया, वह दुर्लभ है। आज जब सितारे अपनी छवि को चमकाने में लगे रहते हैं, ऋषि कपूर ने अपनी गलतियों, रिश्तों और संघर्षों को खुले तौर पर सामने रखा।

उनकी किताब न केवल उनके जीवन की कहानी है, बल्कि यह उस दौर के बॉलीवुड की भी झलक दिखाती है जब रिश्ते, अफवाहें और प्रतिस्पर्धा फिल्मों जितनी ही चर्चित हुआ करती थीं।

निष्कर्ष

ऋषि कपूर का जीवन विरोधाभासों से भरा रहा। एक ओर सुपरहिट फिल्में और स्टारडम, तो दूसरी ओर असफलताओं का दर्द और निजी रिश्तों की जटिलताएँ। उनकी आत्मकथा खुल्लम खुल्ला हमें सिखाती है कि सफलता और असफलता, दोनों को स्वीकार करना ही जीवन की सच्चाई है।

आज, ऋषि कपूर को उनके जन्मदिवस पर याद करते हुए हम यही कह सकते हैं कि वह केवल एक शानदार अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक सच्चे इंसान भी थे, जिन्होंने अपनी जिंदगी को खुलकर जिया और खुलकर बयान किया।

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