भारत की विदेश नीति को अक्सर आलोचना का सामना करना पड़ता है, लेकिन सच्चाई यह है कि आज भारत रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखते हुए अमेरिका, रूस और चीन जैसे देशों के बीच संतुलन साधने में सफल रहा है।
एस जयशंकर
ड्रैगन और एलिफेंट का टैंगो: भारत-चीन रिश्तों में आई नई बहार?
सोचिए एक क्षण के लिए — बीजिंग की ठंडी हवा में भारत और चीन के दो शीर्ष प्रतिनिधि आमने-सामने बैठे…
