नुवान जोयसा की कहानी: हैट्रिक हीरो से संघर्ष तक का सफर

श्रीलंकाई क्रिकेटर नुवान जोयसा मैदान पर गेंद को ध्यान से देखते हुए।

क्रिकेट का सितारा: नुवान जोयसा का उदय

एक समय था जब श्रीलंका क्रिकेट दुनिया के हर कोने में चमक रहा था। मुरलीधरन की फिरकी, जयसूर्या की विस्फोटक बल्लेबाज़ी और वास की स्विंग गेंदों के बीच अचानक एक नया नाम उभरने लगा… नुवान जोयसा।

लंबा कद, तेज़ कदम और गेंद में बाउंस निकालने की अद्भुत क्षमता ने उन्हें जल्दी ही क्रिकेट जगत में चर्चित कर दिया।

13 मई 1978 को जन्मे नुवान जोयसा बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ थे। उन्होंने साल 1997 में भारत के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया और जल्द ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई।

हैट्रिक जिसने बना दिया इतिहास

क्रिकेट में हैट्रिक लेना वैसे ही बड़ी उपलब्धि होती है, लेकिन नुवान जोयसा ने इसे और भी खास बना दिया।

उन्होंने वनडे क्रिकेट के इतिहास में पहला ऐसा रिकॉर्ड बनाया जिसमें किसी गेंदबाज़ ने अपने पहले ही ओवर में हैट्रिक ली।

यह मैच जिम्बाब्वे के खिलाफ था।

• पहला शिकार: ट्रेवोर ग्रिपर

• दूसरा शिकार: नील जॉनसन

• तीसरा शिकार: मुरे गुडविन

तीन गेंद, तीन विकेट, और इतिहास रचने वाला नाम – नुवान जोयसा। यह पल उन्हें क्रिकेट प्रेमियों की यादों में अमर कर गया।

2003: बल्ले और गेंद दोनों से कमाल

साल 2003 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक मैच ने जोयसा को फिर से सुर्खियों में ला दिया।

• गेंद से: 10 ओवर, 3 मेडन, सिर्फ़ 34 रन और 3 विकेट।

• बल्ले से: मुश्किल हालात में 42 गेंदों पर 47 रन।

यह पारी सेंचुरी नहीं थी, लेकिन उसका महत्व किसी सेंचुरी से कम भी नहीं। उनकी पारी ने श्रीलंका को जीत की ओर धकेला और ये साबित कर दिया कि जोयसा सिर्फ़ गेंदबाज़ ही नहीं, बल्कि संकटमोचक बल्लेबाज़ भी हो सकते हैं।

नुवान जोयसा का संघर्ष और करियर ग्राफ

शानदार शुरुआत के बावजूद उनका करियर आसान नहीं था।

• 30 टेस्ट, 95 वनडे खेले।

• टेस्ट में 64 और वनडे में 108 विकेट झटके।

लेकिन चोटें, टीम में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और बाद के विवादों ने उनके करियर को छोटा कर दिया।

वे कोचिंग में भी सक्रिय रहे, लेकिन क्रिकेट की चमक-दमक से धीरे-धीरे दूर हो गए।

नुवान जोयसा की विरासत

नुवान जोयसा की कहानी हमें यह सिखाती है कि असली खिलाड़ी वही है जो मैदान पर हर हाल में लड़े।

• हैट्रिक का रिकॉर्ड

• 2003 की यादगार पारी

• और उनका संघर्ष

ये सब मिलकर उन्हें एक ऐसा योद्धा बनाते हैं, जिसे क्रिकेट प्रेमी हमेशा याद रखेंगे।

FAQs (People Also Ask)

Q1. नुवान जोयसा ने हैट्रिक कब ली थी?

A. उन्होंने 1999 में जिम्बाब्वे के खिलाफ अपने पहले ही ओवर में हैट्रिक ली थी।

Q2. नुवान जोयसा ने कितने टेस्ट और वनडे खेले?

A. उन्होंने 30 टेस्ट और 95 वनडे मैच खेले।

Q3. उनकी सबसे यादगार पारी कौन-सी थी?

A. 2003 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 42 गेंदों पर 47 रन की पारी, जिसने श्रीलंका को जीत दिलाई।

Q4. नुवान जोयसा का करियर छोटा क्यों रह गया?

A. चोटों, टीम में प्रतिस्पर्धा और विवादों के कारण उनका करियर छोटा हो गया।

Q5. क्या नुवान जोयसा सिर्फ़ गेंदबाज़ थे?

A.  नहीं, उन्होंने बल्ले से भी कई मौकों पर टीम को संभाला।

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