शम्मी कपूर की पहली कार की कहानी: बचपन की शरारत से लेकर बुइक सुपर तक

परिचय: एक स्टार की अनकही ऑटोमोबाइल यात्रा

हिंदी सिनेमा के चॉकलेटी हीरो, रोमांस के बादशाह और मस्ती के प्रतीक… शम्मी कपूर। उन्हें हमने परदे पर जितना रंगीन और जोशीला देखा, उनकी असल ज़िंदगी भी उतनी ही रोमांचक थी। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उनका ऑटोमोबाइल के प्रति जुनून बचपन से ही था। और इस जुनून की शुरुआत हुई एक खास कार से… स्काई ब्लू कन्वर्टिबल बुइक सुपर से, जो उनकी पहली कार बनी।

बचपन की शरारतें और गाड़ियों का चस्का

शम्मी कपूर तब स्कूल के छात्र थे, लेकिन कार चलाने का हुनर उन्होंने जल्दी ही सीख लिया। उनके पिता पृथ्वीराज कपूर के पास एक ओपेल कार थी, जो शम्मी की ड्राइविंग की पहली टीचर बनी।

मिस्टर मणी की ऑस्टिन कार वाली कहानी

कॉलेज रोड पर रहते हुए, शम्मी कपूर और उनके दोस्तों का एक शौक था मिस्टर मणी की छोटी सी ऑस्टिन कार को धक्का देकर स्टार्ट करना। एक दिन उन्होंने शरारत में कार को घर से दूर धकेलकर इग्निशन वायर ठीक कर दी और कार स्टार्ट कर ली। बस फिर क्या था, दोस्तों को बैठाया और एक छोटा सा चक्कर मार लिया। ये शरारत उन्होंने कई बार दोहराई, जब तक कि एक दिन मिस्टर मणी ने पकड़कर डांट न दी।

राज कपूर की फोर्ड कार का हादसा

एक बार स्कूल जाते समय, उन्होंने अपने बड़े भाई राज कपूर की फोर्ड कार में चुपके से बैठकर स्टार्ट कर दी। दरवाज़ा खुला छोड़ दिया और ड्राइव करने लगे, लेकिन खुले दरवाज़े ने एक लैंप पोस्ट से टकराकर खुद को अलग कर लिया! आवाज़ सुनकर पृथ्वीराज कपूर और राज कपूर बालकनी में आ गए, और शम्मी डरकर बस अड्डे की ओर भाग गए।

पहली फिल्म और पहली कार का सपना

1953 में अपनी पहली फिल्म जीवन ज्योति साइन करने के बाद, शम्मी कपूर का सपना था अपनी खुद की कार खरीदना।

ए.आर. कारदार की सलाह

प्रसिद्ध फिल्मकार ए.आर. कारदार ने उन्हें कहा कि सेकेंड हैंड कार मत लो, नई कार लो… शैवी या पॉन्टियाक में से। लेकिन शम्मी ने दिल की सुनी, दिमाग की नहीं।

निगार सुल्ताना की बुइक सुपर

उनकी नज़रें टिक गईं निगार सुल्ताना की स्काई ब्लू कन्वर्टिबल बुइक सुपर पर। कार ह्यूजेस रोड के कार मार्ट में बिक्री के लिए खड़ी थी। निर्माता अस्पी ईरानी के साथ उन्होंने सौदा किया ₹16,500 में, किश्तों पर।

• डाउन पेमेंट: ₹5,000 (अस्पी ईरानी की मदद से)

• मासिक किश्त: ₹650, दो साल के लिए

• डिलीवरी डेट: 12 जून 1952

• नंबर प्लेट: BMY 3009

कारों का बढ़ता कलेक्शन

इसके बाद शम्मी कपूर ने कई कारें खरीदीं — डिसोटो, शैवी बैल एयर, शैवी इंपाला, फोर्ड थंडरबीम, सनबीम अल्पाइन, ट्रायम्फ, मलीबू, और कई जीप्स। लेकिन उनके दिल के सबसे करीब रही वही पहली बुइक सुपर।

एक विरासत, एक यादगार नंबर

आज, शम्मी कपूर के जाने के 14 साल बाद भी, उनकी पहली कार की कहानी सुनकर लगता है जैसे वो अभी भी मुस्कुराते हुए कहेंगे “ये गाड़ी मेरी जान थी।”

निष्कर्ष: एक कार, एक सफ़र, एक लीजेंड

शम्मी कपूर की बुइक सुपर सिर्फ़ एक कार नहीं थी, बल्कि उनके संघर्ष, सपनों और जिंदादिली की निशानी थी। एक स्कूली बच्चे की शरारतों से लेकर बॉलीवुड के चमकते सितारे तक का उनका सफ़र इस गाड़ी के साथ और भी खास बन गया।

FAQ (People Also Ask)

Q1: शम्मी कपूर की पहली कार कौन सी थी?

उनकी पहली कार स्काई ब्लू कन्वर्टिबल बुइक सुपर थी, जिसका नंबर BMY 3009 था।

Q2: शम्मी कपूर ने पहली कार कब खरीदी थी?

12 जून 1952 को, किश्तों पर ₹16,500 में।

Q3: शम्मी कपूर ने ड्राइविंग कहाँ से सीखी थी?

उन्होंने अपने पिता पृथ्वीराज कपूर की ओपेल कार से ड्राइविंग सीखी।

Q4: क्या शम्मी कपूर नई कार लेने के बजाय सेकेंड हैंड कार लेना पसंद करते थे?

हाँ, उन्होंने ए.आर. कारदार की सलाह न मानकर सेकेंड हैंड बुइक सुपर खरीदी थी।

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