श्रीदेवी और सरोज खान की दोस्ती का किस्सा, जब एक प्रैंक ने दोनों को हंसाया-रुलाया। जानिए उनकी यादगार बॉन्डिंग और फिल्मी सफर।
श्रीदेवी और सरोज खान की दोस्ती का अनोखा रिश्ता
बॉलीवुड की दुनिया में रिश्ते अक्सर पेशेवर दायरे तक ही सीमित रह जाते हैं, लेकिन कुछ रिश्ते ऐसे भी होते हैं जो दिल को छू जाते हैं। अभिनेत्री श्रीदेवी और मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान का रिश्ता भी ऐसा ही था। दोनों ने साथ मिलकर हिंदी सिनेमा को कई यादगार गाने दिए और दर्शकों के दिलों पर राज किया।
लेकिन इस रिश्ते की सबसे दिलचस्प बात सिर्फ़ कामयाबी नहीं थी, बल्कि उनके बीच की शरारतें, मज़ाक और दोस्ताना किस्से भी थे। आज हम आपको एक ऐसा ही किस्सा सुनाते हैं, जिसे सरोज खान ने खुद याद करते हुए साझा किया था।
वो प्रैंक जिसने श्रीदेवी को रुला दिया
एक बार सरोज खान और उनके डांस ग्रुप ने मिलकर श्रीदेवी के साथ एक बड़ा प्रैंक करने का फैसला किया।
• श्रीदेवी अपने कमरे में थीं, तभी सरोज खान अपने कुछ साथियों के साथ वहाँ पहुँचीं।
• उन सभी साथियों के हाथों में पट्टियाँ बंधी हुई थीं।
• श्रीदेवी ने हैरानी से पूछा, “ये पट्टियाँ क्यों बंधी हैं?”
सरोज खान ने तुरंत मज़ाक में कहा – “तुम्हें याद नहीं? कल रात तुमने ही तो इन सबको पीटा था।”
ये सुनकर श्रीदेवी हैरान रह गईं। उन्हें यकीन ही नहीं हुआ और उनकी आँखों से आँसू निकल आए। वो फूट-फूटकर रोने लगीं।
लेकिन तभी उनके पिता और सरोज खान के साथी हँसते हुए बोले – “ये सब मज़ाक है।” सबने पट्टियाँ उतार दीं और सच सामने आ गया।
श्रीदेवी का बदला: मिट्टी और पत्थरों की दावत
हालाँकि श्रीदेवी इस मज़ाक से भावुक हो गई थीं, लेकिन उन्होंने मन ही मन ठान लिया कि वो सरोज खान और उनकी टीम से बदला ज़रूर लेंगी।
कुछ दिनों बाद उन्होंने सरोज खान और ग्रुप को अपने घर खाने पर बुलाया। सबको लगा कि श्रीदेवी शानदार दावत देने वाली हैं।
लेकिन जैसे ही बर्तनों के ढक्कन खुले –
• एक बर्तन में मिट्टी निकली,
• दूसरे में पत्थर,
• तीसरे में घास-फूस,
• और चौथे में कीचड़।
सरोज खान और उनकी टीम हैरान रह गई। तभी श्रीदेवी ज़ोर से हँसते हुए बोलीं –
“मैंने तुम सबको डंडों से मारा था न? अब ये खाना खाओ।”
वो पल सबके लिए हंसी और दोस्ती से भरा हुआ यादगार लम्हा बन गया।
सरोज खान और श्रीदेवी की शानदार जोड़ी
यह मज़ाक सिर्फ़ उनकी दोस्ती का एक उदाहरण था। असल में, श्रीदेवी और सरोज खान की जोड़ी बॉलीवुड की सबसे हिट जोड़ियों में से एक रही।
• दोनों ने मिलकर कई सुपरहिट गानों पर काम किया।
• उनकी केमिस्ट्री स्क्रीन पर जादू बिखेर देती थी।
• सरोज खान की कोरियोग्राफी और श्रीदेवी का एक्सप्रेशन मिलकर गानों को आइकॉनिक बना देते थे।
चालबाज़ का गाना और फिल्मफेयर अवॉर्ड
फिल्म “चालबाज़” का गाना “किसी के हाथ ना आएगी ये लड़की” इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।
• इस गाने की शानदार कोरियोग्राफी के लिए सरोज खान को फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था।
• गाने में श्रीदेवी की अदाएं और डांस आज भी दर्शकों के दिल में ताज़ा हैं।
दोस्ती के पीछे छुपी इमोशनल कनेक्शन
दोनों की बॉन्डिंग सिर्फ़ प्रोफेशनल नहीं थी, बल्कि पर्सनल भी थी।
• सरोज खान, श्रीदेवी को अपनी बेटी जैसा मानती थीं।
• वहीं श्रीदेवी भी उन्हें सिर्फ़ एक कोरियोग्राफर नहीं, बल्कि गुरु और दोस्त मानती थीं।
यह रिश्ता दिखाता है कि बॉलीवुड की चमक-दमक के पीछे इंसानी रिश्ते भी उतने ही अहम होते हैं।
श्रीदेवी और सरोज खान: दोस्ती की विरासत
आज जब दोनों हमारे बीच नहीं हैं, तब उनके किस्से और यादें ही हमारे पास रह गई हैं।
• एक मज़ाक,
• एक बदला,
• और एक गहरी दोस्ती…
इन सबने मिलकर एक ऐसी कहानी रची, जो हमेशा बॉलीवुड की दास्तानों में सुनाई जाएगी।
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FAQs: श्रीदेवी और सरोज खान की दोस्ती से जुड़े सवाल
Q1. श्रीदेवी और सरोज खान की दोस्ती का सबसे मशहूर किस्सा कौन-सा है?
👉 जब सरोज खान और उनकी टीम ने पट्टियों वाला प्रैंक किया और बाद में श्रीदेवी ने मिट्टी-पत्थरों की दावत देकर बदला लिया।
Q2. सरोज खान को श्रीदेवी के किस गाने के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था?
👉 फिल्म चालबाज़ के गाने “किसी के हाथ ना आएगी ये लड़की” के लिए।
Q3. क्या सरोज खान और श्रीदेवी का रिश्ता सिर्फ़ प्रोफेशनल था?
👉 नहीं, दोनों का रिश्ता दोस्ती और परिवार जैसा था। सरोज खान उन्हें बेटी मानती थीं।
Q4. श्रीदेवी और सरोज खान ने कितने गानों पर साथ काम किया?
👉 उन्होंने दर्जनों सुपरहिट गानों पर साथ काम किया, जिनमें हवा-हवाई, मेरे हाथों में नौ-नौ चूड़ियां, और किसी के हाथ ना आएगी ये लड़की जैसे गाने शामिल हैं।
Q5. आज भी ये किस्सा क्यों याद किया जाता है?
👉 क्योंकि ये किस्सा उनकी सच्ची दोस्ती, मज़ाकिया स्वभाव और मानवीय रिश्ते की गहराई को दिखाता है।
