भारत की विदेश नीति को अक्सर आलोचना का सामना करना पड़ता है, लेकिन सच्चाई यह है कि आज भारत रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखते हुए अमेरिका, रूस और चीन जैसे देशों के बीच संतुलन साधने में सफल रहा है।
Author: Chandradeep Singh
रूस का 5% डिस्काउंट: भारत–अमेरिका रिश्तों में नई तनातनी
रूस का 5% डिस्काउंट भारत के लिए आर्थिक वरदान है, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों ने भारत–अमेरिका रिश्तों में अविश्वास की दीवार खड़ी कर दी है।
ट्रम्प, भारत-चीन और नया व्यापार समीकरण
डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ नीतियों ने भारत-चीन संबंधों और ब्रिटेन डील को नया मोड़ दिया है। जानिए कैसे यह वैश्विक व्यापार को प्रभावित कर रहा है।
द बंगाल फाइल्स: आज़ादी, इतिहास और सेंसरशिप की जंग
विवेक अग्निहोत्री की फिल्म ‘द बंगाल फाइल्स’ ट्रेलर लॉन्च रद्द होने के बाद अभिव्यक्ति की आज़ादी, राजनीतिक दबाव और सिनेमा की शक्ति पर नई बहस छेड़ रही है।
अर्ध सत्य: ओम पुरी और गोविंद निहलानी की क्लासिक फ़िल्म की कहानी
अर्ध सत्य (1983) ओम पुरी और गोविंद निहलानी की क्लासिक फ़िल्म है जिसने पुलिस ड्रामा को नए दृष्टिकोण से पेश किया और आज भी भारतीय सिनेमा में मील का पत्थर मानी जाती है।
भारत का अभिजात वर्ग और विपक्ष: मोदी युग में झूठ और हिंसा की राजनीति
भारत में विपक्ष और अभिजात वर्ग मोदी सरकार को चुनौती देने में नाकाम रहे हैं। झूठे नैरेटिव, हिंसक आंदोलन और जातिगत राजनीति के बावजूद जनता ने नरेंद्र मोदी पर भरोसा जताया। विपक्ष के पास ठोस विकास एजेंडा नहीं होने से उसकी रणनीति आज भी कमजोर साबित हो रही है।
